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मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर यूनेस्को द्वारा पुरुस्कार विजेता 13 वर्षीय पेंटर अयान जरीवाला के चित्रों की प्रदर्शनी में हुई हाज़िर

मिस वर्ल्ड और बॉलीवुड अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने जब यूनेस्को द्वारा पुरस्कार विजेता पेंटर 13 साल के अयान जरीवाला की अद्भुत पेंटिंग्स देखीं तो वह अचंभित रह गईं और इस मासूम बच्चे की कला की दीवानी हो गईं। अयान की पेंटिंग्स में गंभीर कला का रंग दिखाई देता है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि अयान एक गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहा है और इस रोग का नाम है डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी)। इस के अत्यधिक मुश्किल और महंगे उपचार के लिए धन जुटाने के लिए उनके चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई और उनकी पेंटिंग्स को नीलाम किया गया। अयान ने अपने माता-पिता, संध्या जरीवाला और ज़ुबैर जरीवाला के साथ मिलकर कला के प्रति जागरूक और रचनात्मक लोगों के कारण इस कार्यक्रम को मुंबई शहर में आयोजित करने का फैसला किया। जहां मानुषी छिल्लर चीफ गेस्ट के रूप में अयान और उनके पैरेंट्स का हौसला बढ़ाने आइं।
 
यहां अयान के माता-पिता ने उस गंभीर बीमारी के बारे में बताया। अयान जैसे मरीज़ों के लिए लंबे जीवन का आनंद लेना मुश्किल नहीं है, बशर्ते उसे उचित उपचार मिले जो केवल जापान और अमेरिका में उपलब्ध है। 
 
अयान बॉलीवुड फिल्में भी देखते हैं। उन्होंने बताया कि तीनों खान (आमिर, शाहरुख, सलमान) उनके पसंदीदा हैं लेकिन सलमान इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। उन्होंने उचित इलाज के लिए सलमान खान से वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है। अयान अपनी कलाकृति बेचकर इलाज के लिए पैसे जुटा रहे हैं।
 
अयान की मां संध्या जरीवाला ने बताया कि काजोल के अभिनय से सजी निर्देशक रेवती की फ़िल्म सलाम वेंकी में उसी बीमारी के दर्द को दिखाया गया है। उनमें फिल्म देखने की हिम्मत नहीं थी और उन्होंने ऐसे रोगियों का सपोर्ट करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अभिनेत्री मानुषी छिल्लर को अयान की ड्राइंग और पेंटिंग्स बहुत पसंद आई जिसमें पेड़ों के बीच एक ज़ेबरा फंसा हुआ दिखाया गया था। उन्होंने कहा, ''सच्ची कला वह है जिसकी व्याख्या की जा सकती है।
 
मानुषी छिल्लर ने अयान की हर पेंटिंग को बहुत ध्यान से देखा और अयान ने उन्हें हर पेंटिंग के पीछे की कहानी भी बताई। मानुषी छिल्लर ने कहा कि इतनी गहरी पेंटिंग करना, चीजों को ऑब्जर्व करना, फिर उन्हें क्रिएट करना आसान नहीं होता। हम सब कितनी चीजें देखते हैं मगर उन्हें एक आर्ट फॉर्म में परिवर्तित करना एक बड़ा हुनर होता है, जो अयान के पास है। मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा। यंग आर्टिस्ट के सपोर्ट में यहां इतने लोगों का आना बड़ी बात है, मीडिया की भी काफी संख्या यहां बच्चे के सपोर्ट में आई। मैं अयान को यूनेस्को द्वारा उन्हें मिले अवार्ड के लिए बधाई भी देती हूं। यह अच्छी बात है कि लोग टैलेंट की सराहना कर रहे हैं। 
 
मानुषी को भी पेंटिंग का शौक रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो उन्हें वक्त नहीं मिलता लेकिन वह बचपन से ही पेंटिंग करती आई है। 
 
बता दें कि डीएमडी एक ऐसी रेयर बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर के मसल्स धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं। हालांकि डीएमडी को एक जेनेटिक रोग कहा जाता है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है। यह सिर्फ पुरुषों में होती है। लेकिन अयान के पिता ज़ुबैर जरीवाला कहते हैं कि न तो उनके परिवार से न ही अयान की मां के परिवार में कोई इस बीमारी से ग्रस्त रहा है।
उन्होंने बताया कि अयान 8-9 साल की उम्र से पेंटिंग कर रहा है। इतिहास, भूगोल, साइंस और करेंट अफेयर्स पर वह पेंटिंग करते हैं।  जंग, वारियर्स, खेती, सभ्यता से लेकर उसका  विषय काफी फैला हुआ है। वह अहमदाबाद के एक स्कूल में पढ़ता भी है। फिलहाल हमारा पूरा फोकस अयान और उसके इलाज पर है। 
 
अयान के पिता का कहना है कि इसके इलाज पर 3 करोड़ रुपए हर साल खर्च होता है।
 
- Gaazi Moin
 


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